3/24/2008

उन्हें माफ़ न करिये

मेरी दोस्तों, सहेलियों के चेहरे पर अक्सर एक अनजानी चुप्पी छाई रहती है, जब वो नितांत अकेले में होती हैं, और मैं उन्हें तब अक्सर ध्यान से देखती रहती हूँ, सोचती हूँ कि वो वही सब सोच रही होंगी जो मैं अकेले में सोचा करती हूँ.

अपना भविष्य, अपना वर्तमान, अपनी दिक्कतें, अपने ग़म, अपनी तकलीफें, अपने लिए सुने हुवे ताने, कसे हुवे फिकरे, घूरती हुयी ढेरों आँखें, कचोटती निगाहें........शरीर की कमजोरी, खून और माहवारी की दुश्वारियाँ, घर वालों की उम्मीदें....उफ़ मार डालेंगी ये सब चीजें, ये पहाड़ सा भार, समाज और परिवार का.

कितनी जल्दी दिमाग से बूढी हो गयी हैं हम लडकियां अपनी जवान जिस्म को संभाल के ढोने की कोशिश करते हुवे....जाने कौन है इसके लिए जिम्मेदार पर जो भी है उसको माफ़ न करिये प्लीज़....उन कुत्त्तों शरीफ्जादों को..... कभी माफ़ न करना....और मैं भी नहीं करुँगी....

गन्दी

46 comments:

Nishil Joshi said...

आपका मतलब किस तरफ है, में समझ नहीं पा रहा हूँ, आप गन्दी लड़की हैं या अबला नारी, में जानता हूँ में कुत्ता हूँ, पर शायद आप सबकी तकलीफों का जिम्मेदार में या मेरे जैसे सभी कुत्ते या बाकि भले आदमी, लड़के, बच्चे नहीं है. आपकी समस्या केवल एक लड़की ही समझ सकती है. फिर तो में यहाँ शायद कबाब में हड्डी हूँ, पहले मेरे मन में लड़कियों की अच्छी और दूरदर्शन टाइप छवि थी, एसी सती सावित्री से नज़र मिलाना माने सदियों का अपराधबोध माथे पर लेना, पर फिर जैसे-जैसे बडे हुए तो 'एम-टीवी' टाइप लड़कियां दिखी, अब काफी आगे आ चुकी गन्दी लड़कियों से भी रूबरू हुए, पर अब जब आप भी सावित्री निकली, तो मुझे बडा अजीब लग रहा है, मानो मुझे गुमराह किया जा रहा हो, डबल गेम खेले जा रहे हों. कई बार लड़कियों से फ्लर्ट नहीं करने पर वो बोलना ही बंद कर चुकी हैं. पर अब आपका ब्लोग पड़कर लगता है हमने सबने मिलकर आप लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद करकर रखी है. हमें माफ़ कर दें. आगे से एसी गलती नहीं होगी. में तो अब किसी लड़की की तरफ उम्मीद या उत्सुकता से नहीं देखूंगा, देखूंगा तो केवल दोस्त की नज़रों से. अब तो में शादी भी नहीं करूँगा. क्या पता कब आप सावित्री बन जाएं और मुझे सोते में ही "आदमी कहिंके" बोलकर धुत्कारने लगें. वैसे मजाक के लहजे में ही सही पर में झूट नहीं बोल रहा हूँ की आपके सुलझे हुए शब्दों नें मेरी आँखे गीली कर दी थी, और शुरू से बीच तक आते आते मेरे मन से सारी एम्-टीवी टाइप की लड़कियों की छवि धुलकर साफ हो गई थी . भीगे उदास मन और प्रतिशोध लिए आपके इन शब्दों ने लड़कियों की बिंदास होती छवि को फिर दूध सा निर्मल, परियों सा बेदाग, तितलियों सा कोमल बना दीया है, में फिर से पूरी धरती की तरफ से आप सब से तहे दिल से आपको गंदी-लडकी कहने के लिए माफ़ी मांगता हूँ.

Avasthi said...

bahot tagdi bahas dekhi pichhali baar.. jo tumhare virodhi swabhav ko aur bhadkayegi.

Neeche wale linkpar pahuncho
http://merekavimitra.blogspot.com/2008/03/blog-post_1806.html

Sourabh Sharma said...

यार तुम जैसी ज़िंदगी चाहती हो अगर भगवान होता तो ऐसा नही होने देता. पर जब वो नहीं है तो तुम्हे-हमें इसका फायदा उठाना चाहिऐ. जैसे चाहो जियो. ओये एक बात- जहाँ घर का खाना बनाना वगेरा-वगेरा करना पड़े ऐसे घर को जल्दी से जल्दी छोड़ दो. मेने रोका-टोकी-पिटाई करने वाले और पूरी ज़िंदगी में प्यार का एक बोल न बोलने वाले पापा के घर को छोड़ दिया है. हाँ पापा-मम्मी-भाई-बहन को नहीं छोडा केवल घर छोडा,

Dinesh said...

aap roz kyon nahin likhti.....

P. C. Rampuria said...

इस आग को जलाये रखना ।
ये दुसरी कमजोर लडकियों को भी
उनका अस्तितव याद दिलाता रहेगा ।
कभी गुस्सा ज्यादा बढ जाये तो
मेरे ब्लोग पे जी हल्का कर लेना ।
अपने कदम पिछे मत करना ।
http://rampuriapc.blogspot.com/

KAMLABHANDARI said...

pahli baar aapke blog par aai hun par sachmuch dil ko badi tassali mili .bahut accha laga aapko padhkar .main to kahti hun ki ye zindagi humari hai ise hume apni marji se jeena chaahiye kyu log baar-baar hume bhaasan dete hai ki ladkiyo ko esha karna chaahiye waisa karna chaahiye .are hum bhi to eshi duniya me rahte hai to kya hume pata nahi hai ki kya sahi hai aur hume kya karna chaahiye kya nahi.

www.kamlabhandari.blogspot.com

Richa said...

I am a TV Journalist,Richa Sakalley..liked your views. want to meet you..can you give me your mail ID....my MAIL iD is
sakaric288@gmail.com

raja sangwan said...

mujhe samjh me nahi aa reha ki aap gandi lerki kase hai?app jo bate yaha kehti hai vo kafi had tac sahi hoti hai bhale hi kehane ka terica utejna bhera ho.ha per ak bat mai jeruer kehna chauga ki aadmi or aoret ya boys or girls ak dusre ke dushman nahi hai.appki kuch bate padh ker legta hai ki aap sabhi merdo ke khilaf hai.ase to unmae aapke bhai ,papa veghreh bhi samil ho jate hai.kya aap unahe bhi usi nam se pukar rehi hai jinse bakiyo ko "kuute kameene etc" mai manta hu ki lerkiyo ko aaj bhi barabar ka derja nahi milta lekin aapka blog padh ker to legfta hai jase aap lerke lerkiyo me civil war kervana chahti hai?

raja sangwan said...

mujhe samjh me nahi aa reha ki aap gandi lerki kase hai?app jo bate yaha kehti hai vo kafi had tac sahi hoti hai bhale hi kehane ka terica utejna bhera ho.ha per ak bat mai jeruer kehna chauga ki aadmi or aoret ya boys or girls ak dusre ke dushman nahi hai.appki kuch bate padh ker legta hai ki aap sabhi merdo ke khilaf hai.ase to unmae aapke bhai ,papa veghreh bhi samil ho jate hai.kya aap unahe bhi usi nam se pukar rehi hai jinse bakiyo ko "kuute kameene etc" mai manta hu ki lerkiyo ko aaj bhi barabar ka derja nahi milta lekin aapka blog padh ker to legfta hai jase aap lerke lerkiyo me civil war kervana chahti hai?

मुकुंद said...

aap bhut behatar tarike se apni bat kah rahi hai.mukund

मुकुंद said...

aap bhut behatar tarike se apni bat kah rahi hai.mukund

वर्षा said...

माफ भी नहीं करना, मनमर्जी भी करना और मनमर्जी करने लायक भी बनना और इस सबके लिए खुद को मज़बूत बनाना। सामाजिक,आर्थिक और इन सबसे बढ़कर मानसिक तौर पर।

Anonymous said...

rmesh sharma sonkhara---------------kya kitni bhadas hai nikalo-nikalo umda madhyam mila looto bahibahi,

Dileepraaj Nagpal said...

आपकी जितनी तारीफ़ की जाए कम है...बहुत बढ़िया लिखा आपने। एक कहानी है मेरे ब्लॉग पर। नाम है- 'कब आओगे बबलू?' वक्त मिले तो पढ़कर सुझाव दें कि क्या करे वो माँ...

ankahi said...

aapka write-up padha aur sabhi shubhchintakon ke comments bhi. kuch me laga ki aapki aag me kapur daal rahe hain aur kuch vichron tak hi simat kar rah ja rahe hain. in sabse pare ek nazariya aur aata hai jab aapka blog aadha padhta hun...ki kya ek ladki itni hi besahara aur pareshan hai...kya wah wakai aisa hi sochti hai jaisa aapnelikha. samajh sakta hun ki aapne kafi kuch mahsus kiya hai. lekin aap koi bhi cheez generlize nai kar sakti..kya sare mard kutte hain? kya ladkiyan sati-savitri hain? jara apni jamat me yuvtiyon par nazar daliye...unke taur-tarikon par gaur farmaiye. aur kuch balance vichar banaiye..
is pure vichar me mera ye tanik bhi manna nahi hai ki purush sahi hai...hain..(kutte bhi hain) par har koi nahi. jahan tak tak mai janta hun..ek aurat chah le to koi purush use gandi nagah se dekh bhi nahi sakta..chuna aur chedna to durr ki baat hai..par ye apki jamat ko hi schna hoga..
kul milakar kafi progressive vichar hain aapke..unhe sahi dish dejiye.

महेन्द्र मिश्र said...

एक और नज़रिये से भी देखा जा सकता है जिन्दगी को.....गर्व हो कि ईश्वर ने माँ बनने के लायक समझा आप को, हम आदमियों को नहीं...बहुत धॆर्य बहुत सहनशीलता बहुत साहस चाहिये जन्मने को और फ़िर पाल्अने को...ये वरदान है आप लोगों को उस परमपिता का...और ज्यादा नहीं है इस वरदान की कीमत....गलत न समझें..मैं निन्दा करता हूं किसी पर भी किसी तरह का अनाचार करने वालों की...और प्रार्थना करता हूं इस अस्तित्व से कि आप जैसों को वो शक्ति मिले जो आप लड सकें अपनी लडाई और पा लें अपनी मन्ज़िल...सिर्फ़ रोने या किसी को माफ़ नहीं करने भर से कुछ न मिलेगा..अफ़सोस..
...माफ़ कीजिये यदि किसी को कष्ट हुआ हो...

Abhishek said...

Itna antaral kyon hai aapke post mein? Aap likhti accha hain magar is ladai ko maulikta dein. Taslima ko unnecessary istemal karna vyarth hai.

Bandmru said...

man khantrush ho gaya.....
ye kya likh diya aapne..
kya aap batayengi ki yaha kutton ka sambodhan kishke liye kiya hai... aachchha nahi laga ...
bold hona aachchhi baat hai pr ati nahi hona chahiye......yadi koi email id ya number ho to bataye mujhe aapse charcha karne ka badi shouk ho raha hai..... is gandi ladki ke bishya pr.
thanks

Anonymous said...

jidgi mai behter issey accha kya hoga .khud bure logo ko taleem dete hai.[------------]R c sharma sonkhara.[mp]

indianrj said...

why don't you write now. please keep writing continue.

jayram said...

nafrat.....hi nafrat ............har koi waisa nahi hota jaisa aap sochti hain.
baat jayaj hai aapki ki kahin jyadtiya bhi hoti hain par kya is tarh hatash hoker uljulul likhne se koi hal nikalne wala hai ? jabab khud apni antaratma se puchhiyega............

आदर्श राठौर said...

शायद हर कोई वैसा ही होता है, फर्क इतना है कि बाहर से आवरण लगाए रहता है।
आपके विचारों में आकर्षण है, दोबारा लिखना शुरु कीजिए। परिवर्तन की बयार लाने के लिए विचारों का प्रवाह आवश्यक है।

KK Yadav said...

Achha likh rahi hain ap...vicharon ki dhar banaye rakhen !!

shiv sagar said...

Shandaar hai Aap ki naZar. Zari rakhheain.

Reality Bytes said...

जियो अपनी ज़िंदगी, करो अपनी मनमर्जी, उन्हें कहने दो हमें-तुम्हें गंदी लड़की

Hapi said...

hello... hapi blogging... have a nice day! just visiting here....

Ganesh Prasad said...

हेल्लो बीमार लड़की,

मेरे ख्याल से तू अपने इलाज करवा, या फिर ओपन होकर एक नंगा नाच कर बिच चौराहे पर, और अपनी जमात को बड़ा कर
या फिर एक दिन अपने पापा से अकेले में मिल और उनसे प्यार से पूछ पापा आपने क्यों मुझे ऐसा बना दिया...

मुन्नी, तुझे किलोमीटर में कितने मीटर होते है पता है, लम्बाई, चौडाई क्या होती है पता.. है ??. सायद नहीं... तो एक काम कर और गूगल के हेल्प से दुनिया का पता कर कितनी बड़ी है दुनिया... कुए की चुद्दकर मेंढकनि... कुए से बहार निकल और देख दुनिया बहुत बड़ी है.... दुनिया में सिर्फ वोही लोग नहीं है जिन्होंने तुझे ऐसा बनाया ! पान के दुकान के पास खड़े तीन लडके के अलावा तू सच सच बता उस दिन कितने लडके तेरे आस पास से गुजरे होंगे... सायद अगर तू १० किलोमीटर का भी सफ़र तय की होगी तो 10x10 = 100 लडके इसका मतलब 100-3 = 97 लडके तो ठीक है न? क्योंकी तेरी ही आपबीती है और तुने ही सिर्फ तीन लड़को का जिक्र किया है...

सबका लंड ही काट देगी तो फिर तेरी जैसीयो का सेक्स का भूख कौन मिटाएगा और फिर तेरी जैसी जमात कहा से पैदा होगी... सच सच बता ... ब्लू फिल्म तो तू जरुर देखती होग १००% देखती ही होगी, बिलकुल ठीक कोई बुराई नहीं है ब्लू फिल्म देखने में खूब देख अगर मन मने तो पर एक बात सच सच बोलना फिल्मे देखते हुए क्या तू भी कोई तगडा लं*** लेने का नहीं सोचती होगी..??. तो फिर लंड कटाने का ख्याल... हा बलात्कार करने को सजा देने की लिए उनको बिच चौहरे पर खडा कर उनको भी जिन्दा जला देने का होना चाहिए...

और हा जहा तू हॉस्टल में रहती है.. वहा की लड़कियों को लड़की ही बना रहने दे... उनको जीनत अमन और गन्दी लड़की न बनाना... उनके पापा, उनके भाई, उनके चाचा, सायद उनकी मम्मी तेरे अपनो जैसी नहीं होगी....तुझे गटर की और सड कर जीने की जिंदगी मुबारक... दूसरो को जीने की कला सिखा... क्योंकी प्रकृति के भी अपने कुछ अनुपात है.... और अपने कुछ नियम है..... और .... हम उसके पूरक.... फूल और माली ...

indavao said...

hi... just dropping by!
http://www.fileafro.com
http://mobileandetc.blogspot.com
http://kantahanan.blogspot.com

chander kumar soni said...

well. keep it up.
please visit my blog.
CHANDER KUMAR SONI,
L-5, MODEL TOWN, N.H.-15,
SRI GANGANAGAR-335001,
RAJASTHAN, INDIA.
CHANDERKSONI@YAHOO.COM
00-91-9414380969
CHANDERKSONI.BLOGSPOT.COM
thanks.

chander kumar soni said...

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praveen singh bohra said...

ye to koi bat nhi jangl me aap ko ek kektas ka ped mila to aap ne pura jangle kektas ka hi bana diya are gor se dekhiye us jangl me or bhi ped hai jo aap k dil ko chu sakte aap ke man ko bha sakte hai atah aap kisi man ki aako se dekhoge to jarur kuch achche log milege par kato se bchke chala

MainStree.com said...

कमाल की सोच है तुम्हारी गंदी लड़्की। सोचने पर मजबूर कर देती हो तुम। तुम जहां इतनी बोल्ड हो और साहस कर सकती हो यह सब लिखने का वहीं दूसरी तरफ ऐसी भी लड़कियां हैं जो ठीक से ये भी नहीं जानती कि सेक्स होता क्या है सही में । अगर हो सके तो www.mainstree.com देखो और बताओ कि लडकियों को और क्या क्या जानना चाहिए?

tagskie said...

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Suman said...

nice

JanuskieZ said...

Hi... Looking ways to market your blog? try this: http://bit.ly/instantvisitors

manav vikash vigyan aur adytam said...

takneek ke sath samaaj tatha oosakee soch badal jatee aparadh vay se mukt ho kyokee saaj jai se chalata vo theek hai kiyokeesamaaj achhe bure ka pribhasa badal deta hai samay ke sath systam ko chalane ke liye ek niyam chahiye jisase jeeva tatha manavata ka vikash ho

gaurav mittal said...
This comment has been removed by the author.
Lalit said...

bahut samay se aapne koi post nahi likhi hai. Kya baat hai. jaldi likhe.

शबनम खान said...

zada philosofical bate na krke me sidhe sidhe kahungi...maza aaya padhkar...sach me...

शबनम खान said...
This comment has been removed by the author.
vasant kamble said...

आप ने जो भी कहा दिल की गहराइयों से कहा इसलिए मुझे आपकी
स्पष्ट ता पसंद है .

निशांत said...

jiyo ji bhar ke...apni zindagi ...jiyo



god saves the good....

...meri ye kavita padhiye...
http://bleesingsofyou.blogspot.com/2011/04/blog-post_3559.html

manish kumar said...

main aapki soch se sehmat hu, Isliye jivan main female problem ke lekar hamesha samaj se ladhne ki koshish karta hu. Q ki muze is Purush-pradhan
sanskruti bhut galat lagti hai.

Anonymous said...

k

Anonymous said...

sali mera lund hus maza aayega tujhe terichut ki pyaas bhi to bhujhatihai kahe apna dudh aur chut dikhati ho kapde chote pahnkar mard ka lund to khadahoga hi chodri

नवीन जोशी @ http://navinjoshi.in/ said...

आपका ब्लॉग मुझे बहुत अच्छा लगा। मेरा ब्लॉग "नवीन जोशी समग्र"(http://navinjoshi.in/) भी देखें। इसके हिंदी ब्लॉगिंग को समर्पित पेज "हिंदी समग्र" (http://navinjoshi.in/hindi-sam... पर आपका ब्लॉग भी शामिल किया गया है। अन्य हिंदी ब्लॉगर भी अपने ब्लॉग को यहाँ चेक कर सकते हैं, और न होने पर कॉमेंट्स के जरिये अपने ब्लॉग के नाम व URL सहित सूचित कर सकते हैं।